Monday, July 6, 2015

Digital Locker-Mind blowing initiative of Government of India

डिजीलॉकर  Digital Locker- Mind blowing initiative of Government of India


Ref: http://epaper.navbharattimes.com/details/152-67165-2.html , Dated 5 July 2015

#digitallock #digital India

Website: https://digitallocker.gov.in
File Formate: pdf, JPG, png, bmp
Email for any help: support@digitallocker.gov.in



केंद्र सरकार इन दिनों डिजिटल इंडिया वीक मना रही है। सरकार ने फरवरी में डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत डिजीलॉकर की सुविधा लॉन्च की थी। क्या है यह और कैसे करें इसका इस्तेमाल, बता रहे हैं प्रभात गौड़ :
इन बातों का रखें ध्यान
  1. कैसे करें शेयर
  2. कैसे शुरू करें
यह एक तरह का लॉकर ही है। जैसे बैंकों में जूलरी रखने के लिए आप लॉकर का इस्तेमाल करते हैं, वैसे ही इसका इस्तेमाल आप अपने तमाम सर्टिफिकेट्स रखने के लिए कर सकते हैं। यह आधार से लिंक होता है। आधार के जरिये ही आप इसमें लॉग-इन कर सकते हैं। अभी आपको इसमें सर्टिफिकेट रखने के लिए 1 जीबी का स्पेस दिया गया है। आप इसमें अपने सर्टिफिकेट्स को pdf, JPG, png, bmp या GIF फाइल्स के रूप में अपलोड कर सकते हैं। इन दस्तावेजों को आप किसी भी एजेंसी के साथ शेयर कर सकेंगे।

अ• डिजिलॉकर के लिए आपके पास आधार होना चाहिए।• digitallocker.gov.in पर जाएं। Register Now पर क्लिक करें।• आपसे आपका आधार नंबर भरने को कहा जाएगा। आधार नंबर भर दें और उसके नीचे Use OTP पर क्लिक कर दें। आपके मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर (वही जो आधार में दर्ज है), एक वनटाइम पासवर्ड आएगा। इस पासवर्ड को पासवर्ड वाली जगह पर भरें और validate कर दें। • अब आपसे यूजर नेम और पासवर्ड बनाने का कहा जाएगा। यूजर नेम पासवर्ड बन जाने के बाद आपके सामने स्क्रीन आएगी। यहां My Profile में जाने पर आपको आपके आधार कार्ड की सभी सूचनाएं नजर आएंगी। • My Documents में जाएं। यहां Upload Documents सब सेक्शन में जाकर आप अपने पैन, डीएल, मार्कशीट आदि को अपलोड कर सकते हैं। • इसके बाद e-sign पर क्लिक करें। आपको एक वनटाइम पासवर्ड मिलेगा। इसे डालकर आपका यह डॉक्युमेंट ई-साइंड हो जाएगा। इसका मतलब है कि यह डॉक्युमेंट आपने सेल्फ अटेस्ट कर दिया।

• जो भी फाइल आप अपलोड कर रहे हैं, उसका साइज 1 एमबी से ज्यादा नहीं होना चाहिए।• कुल मिलाकर एक यूजर को 1 जीबी स्पेस दिया गया है। अपने सभी डॉक्युमेंट्स इस स्पेस में रखने हैं।• My Documents सेक्शन में दो कैटिगरी हैं। एक में वे डॉक्युमेंट रखे जाएंगे, जो तमाम विभाग बनाकर देंगे। मसलन आपने पैन कार्ड बनवाया तो पैन बनाने वाला विभाग पैन इश्यू करके इसी कैटिगरी में आपको दे देगा। दूसरी कैटिगरी वह है जिसमें आपके द्वारा अपलोड किए गए डॉक्युमेंट रखे जाएंगे। •अगर कहीं कोई दिक्कत महसूस हो रही है तो support@digitallocker.gov.in पर मेल कर सकते हैं। • यहां से आप ई-आधार भी डाउनलोड कर सकते हैं।

Document sub category


अब मान लीजिए आपने डीडीए की किसी वैकेंसी के लिए अप्लाई किया और आप इसके लिए अपने डॉक्युमेंट शेयर करना चाहते हैं। आपके आधार के जरिये डीडीए खुद ही आपके सर्टिफिकेट देख लेगा। वैसे जिस डॉक्युमेंट को शेयर करना चाहते हैं, उसके सामने लिखे Share पर क्लिक करके भी ऐसा कर सकते हैं। रिसीव करने वाले का ईमेल आईडी मांगा जाएगा, जहां डॉक्युमेंट का लिंक मेल कर दिया जाएगा। रिसीव करने वाला इस लिंक के जरिये आपके डॉक्युमेंट को देख सकेगा।

Document self attested or  e-sign


पने तमाम सर्टिफिकेट्स को आप कैसे सहेजकर रखते हैं/ या तो फिजिकल रूप में किसी फाइल में रखते होंगे या फिर स्कैन करके इमेज फॉर्मेट में अपने कंप्यूटर में रखते होंगे, लेकिन ये दोनों ही तरीके असुविधाजनक हैं। सरकार ने डिजीलॉकर नाम से ऐसा सुरक्षित प्लैटफॉर्म मुहैया कराया है, जहां आप अपने अहम दस्तावेज संभालकर रख सकते

हैं। अगर आपको किसी एजेंसी को अपने सर्टिफिकेट देने हैं तो आपको उन्हें फिजिकली उसे देना पड़ता है। तमाम कागजात को संभालना आपके लिए भी और उस एजेंसी के लिए भी सिरदर्दी का काम हो सकता है। ऐसे में इस सुविधा के तहत सर्टिफिकेट इश्यू करने वाले (इश्यूअर), यूजर (आप)और सर्टिफिकेट चाहने वाली एजेंसी (रिक्वेस्टर) को एक ही प्लैटफॉर्म पर लाने का काम किया गया है। मान लीजिए आपने अपना डीएल बनवाया तो आरटीओ ऑफिस डीएल फिजिकली आपको देने के बजाय आपके डिजिटल लॉकर में डाल देगा। यहां आरटीओ ऑफिस इश्यूअर हुआ। आपने डीएल बनवाया है, आप यूजर हुए। रिक्वेस्टर वह होगा, जो सर्टिफिकेट की डिमांड करेगा। मसलन आपने डीडीए में जॉब के लिए अप्लाई किया, तो फॉर्म भरते वक्त आपको सर्टिफिकेट लगाने की जरूरत नहीं है। डीडीए डिजीलॉकर में मौजूद सभी जरूरी सर्टिफिकेट का वेरिफिकेशन कर लेगा।

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