Thursday, October 12, 2017

Every shopping mall 1floor only for made in India items only

Online vs small shop सेल्स मेन तो मास्टर होता ही है फिजिकल इंटरेक्शन का कोई रिप्लेसमेंट नही

बर्तन का व्यापारी परिवार के लिये जूते ऑनलाइन खरीद रहा है,

जूते का व्यापारी परिवार के लिये मोबाइल ऑनलाइन खरीद रहा है,

मोबाइल का व्यापारी परिवार के लिए कपडे ऑनलाइन खरीद रहा है,

कपड़े का व्यापारी परिवार के लिये घड़ी ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

घडी का व्यापारी घर के लिये अनेकों इलेक्ट्रॉनिक सामान ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

इलेक्ट्रानिक का व्यापारी बच्चों के लिए खिलोने ऑनलाइन ख़रीद रहा है,

खिलोने का व्यापारी घर के लिये बर्तन ऑनलाइन खरीद रहा है,

और ये सब रोज सुबह अपनी-अपनी दुकान खोलकर अगरबत्ती लगाकर भगवान से  प्रार्थना कर रहे है कि आज धंदा अच्छा हो जाये, हे भगवान इस बार दिवाली सीज़न पर अच्छी बिक्री हो जाये। कहाँ से होगी बिक्री ?

खरीददार आसमान से नहीं आते हमही एक दूसरे का सामान खरीदकर बाजार को चलाते हैं, क्योकिं हर व्यक्ति कुछ न कुछ बेंच रहा है और हर व्यक्ति खरीददार भी है।

ऑनलाइन खरीदी करके आप भले 50-100 रु की एक बार बचत कर लें लेकिन इसके नुकसान बहुत है क्योंकि ऑनलाइन खरीदी से सारा मुनाफा बड़ी बड़ी कंपनियों को जाता है जिनमे काफी विदेशी कंपनियां भी हैं।

ये कम्पनियाँ मुठ्ठीभर कर्मचारियों के बल पर बाजार के एक बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेती हैं। ये कम्पनियां ना सर्फ बेरोजगारी पैदा कर रही है बल्कि इनके द्वारा कमाये गये मुनाफे का बहुत छोटा हिस्सा ही पुनः बाजार में आता है।

यदि आप सोचते हैं कि मैं तो कोई दुकानदार नहीं हूं और ना ही व्यापारी, मैं तो नौकरी करता हूँ ऑनलाइन खरीदी से मुझे सिर्फ फायदा है नुकसान कोई नहीं तो आप सरासर गलत हैं क्योकि जब समाज में आर्थिक असमानता बढ़ती है या देश का पैसा देश के बाहर जाता है तो देश के हर व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसका नुकसान उठाना पड़ता है चाहे वह अमीर हो या गरीब, व्यापारी हो या नौकरी करने वाला, दुकानदार हो या किसान हर कोई प्रभावित होता है।

अभी भी समय है अपने आपको, अपने परिवार को, बाकी दुकानदारों को ऑनलाइन और बड़े बड़े शॉपिंग मॉल से ख़रीद करने से रोकें और उन्हें समझाएं नहीं तो आगे और भी मुश्किल परिस्थिति होनी वाली है।

उपर से देश की अर्थव्यवस्था कुछ इस तरह टूटी हुई है कि फ्लिपकार्ट और अमेज़न दोनो मिल के 4 दिन में सिर्फ 6670 करोड़ का माल बेच पाते हैं....

साभार स्वदेशी क्रांति

अभी अभी मैने कही seminar में सुना था कि लोग better customer experience के लिए ऑनलाइन खरीदते है।भारत सरकार भी ये policy बनाये की हर मॉल में 1 floor सिर्फ मेड इन india   समान के लिए हो जहाँ छोटे दुकानदार अपना सामान  बेच सके। बाकी सेल्स मेन तो मास्टर होता ही है फिजिकल इंटरेक्शन का कोई रिप्लेसमेंट नही।

Sunday, September 17, 2017

मेरी नज़र में बुलेट ट्रेन के मायने


मेरी नज़र में बुलेट ट्रेन के मायने।

मुझे याद है आज से बारह साल पहले जब मैं डेल्ही आया था। तब पहली बार डेल्ही मेट्रो में उद्घाटन हुआ था तब किसी कोरिन कंपनी को 10 साल के लिए इंडिया में मेट्रो चलाने उसका सारा रख रखाव रखने को दिया गया था और जो भी इनकम होनी थी वो कोरिन कंपनी को लेना था। तब सिर्फ bombardier के मेट्रो कोच थे । आज इंडिया सिस्टम को learn कर localization करने में बहुत फ़ास्ट है। आज Hundai Rohtem ओर mitsubhishi ओर bharat earth movers ओर many more मेट्रो कोचेस बना रहे है और इंडिया सऊदी में मेट्रो कोचेस ओर मेट्रो लगाने वाला देश बन गया है। ऑटोमोटिव को पीछे छोड़ मेट्रो देश मे रोजगार देने वाला एक नया ही डोमेन बन गया है।

कुछ लोग manipulating truth पेश कर रहे है बुलेट ट्रेन के बारे में।


Good News
*आज का दिन भारत के लोगों पर अगले 50 साल वर्षों के लिए कर्जदार बनायेगा*
*तो बजाओ ताली, तमाशा शुरू होने वाला है*
आज अपने अहम् की संतुष्टि के लिए आपके विकास के नाम की पर्ची फाड़ी जायेगी जिसका ऋण आपको व् आपकी आने वाली पीढ़ियों को अगले 50 साल तक चुकाना पड़ेगा।
मुझे आज तक सरकार का लॉजिक समझ नहीं आया बुलेट ट्रेन वाला
लगभग 550 किलोमीटर की दूरी है
*अहमदाबाद से मुंबई*
*1 लाख 10 हजार करोड़* रुपए का प्रोजेक्ट
*88000 करोड़* रुपए जापान देगा उधारी 0.1% ब्याज पर *50 साल* के लिए
मतलब अपने लग रहे हैं *22 हजार करोड़* रुपए
---
रेल्वे का revenue है कुछ 1 लाख 68 हजार करोड़ रुपए सालाना
जिसमें से खर्चा काट कर कुल आय है लगभग 10 हजार 500 करोड़ रुपए
------
अब 88000 करोड़ रुपए की उधारी 0.1%  ब्याज पर
मतलब
1800 करोड़ रुपए सालाना की हम उधारी चुकाएंगे
हमारे अपने जो 22000 करोड़ रुपए लगे हैं वो अलग है
तो
देखना यह है कि क्या 1800 करोड़ रुपए की कमाई भी हम कर पाएंगे इस प्रोजेक्ट से ?
मान लें एक ट्रेन में 16 डिब्बे हैं और एक डिब्बे में 72 सीट हैं तो एक बार में ट्रेन में कुल यात्रियों की संख्या हुई 72x16=1152
अब यही ट्रैन वापस आती है तो संख्या है 1152
मतलब कुल एक चक्कर में कुल यात्री हुए 2304
एक यात्री से सरकार ने अगर *1000 रू लिए तो एक दिन का हुआ 23,04,000
और एक साल का 84,09,60,000
कुल 84 करोड़ 09 लाख़ 6 हजार रू
अब अगर ट्रैन दिन में 4 चक्कर लगाती है मतलब दोनों जगह से ट्रेन सुबह भी चलेगी और शाम को  भी तो कुल आय होती है
840960000x4=
336,38,40,000
मतलब 336 करोड़ 38 लाख 40 हजार रुपये, जिसमे उसके संचालन का खर्च अलग है, मसलन ड्राइवर और गार्ड की तनख्वाह, रखरखाव, मेंटेनेंस आदि का खर्च।
जिसमे ब्याज सिर्फ ब्याज के भरने हैं 1800 करोड़ रुपये और उसके बाद मूलधन और उसके बाद कमाई की सोचना।
और अपने जो 22000 करोड़ गायब हो गए उसे तो भूल ही जाना।
क्या आपको लगता है कि आप
साल भर में 336 करोड़ रू कमा कर 1800 करोड़ का ब्याज भर सकते हैं, और 88000 करोड़ का कर्ज उतार सकते हैं और उसके बाद कुछ कमा सकते हैं वो भी अगके 50 साल के बाद,
तो यकीन मानिए *आपसे बड़ा बेवकूफ इस दुनिया में कोई नही है*
*किराया अगर 3000 भी कर दे तब भी 1008 करोड़ ही इकट्ठा होगा ।
एक आम आदमी की नजर से ।

Friday, September 15, 2017

Income tax department damaging image of current government governance model and transparency.

Income tax department damaging image of current government governance model and transparency.

आम जनता की गलती पैर सरकार  उसे सूली पैर चढ़ा देती है  तो आयकर विभाग की गलती से अगर आम जनता उत्पीड़न होता है  तो  उनपर financial penality or diciplanary action क्यों न हो। 



Grievance for harassment against CBDT / Income tax department due to
incapability of interlinking of information



सरकार की मंशा और नैतिकता पे प्रश्न उठ रहे है।

क्या सरकार अपनी प्रोफिटेबिलिटी से ऊपर उठकर आम जनता के बारे में सोचेगी।

Income tax payer कोर्ट में petition डाले या फिर जंतर मंतर पर बैठे क्या करे आम जनता। सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी।

Modi ji saying - सौगन्ध मुझे इस मिटटी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा मै देश नहीं झुकने दूंगा

सरकार का कंट्रोल क्यों नहीं अधिकारियो पर। सब  जुमला सा क्यों लगता है  सरकार  का।  प्रॉपर पालिसी न होने पर लाखो Income tax payer कर्मचारी जनांदोलन कर सकते है। और बाक़ी जनता टैक्स देना बाद कर सकती है।

सरकार ने कहा हमें सुझाव दे हम पॉलिसीस में इम्प्रूवमेंट चाहते है। इंडिया की तरक्की के लिए आ हमें बी पोस्ट सुझाव भेजे , ईमेल किया ट्वीट किया, MYGOV पर भी दिया। पैर ग्राउंड लेवल इम्प्लीमेंटेशन भी तो कर दे प्लीज।

जनता साफ सुथरा और ट्रांसपेरेंट सिस्टम चाहती है जिसमे no scope for black money, No corruption

थोड़ी सी और ईमानदार कोशिश की उम्मीद करते है

क्या जनांदोलन यही सलूशन है जनता कुछ ग्राउंड लेवल सलूशन चाहती है। ताकि हम आम जनता का विश्वास सरकार पर बना रहे।

माननीय  मोदी जी से अनुरोध सहयोग के लिए जनता पालिसी लेवल सपोर्ट चाहती हैं। 

+RSS-Rashtriya Swayamsevak Sangh

I received the communication from income tax office which is absolutely incorrect. it shows incapability of income tax department as government of India claiming PAN and AADHAR linking with earnings and deduction. Or it is intentionally done for harassment to income tax payer by Income tax department.

In most of the cases Income tax department have lost their documents and asking for same after 7-8 year to retrieve it. This is an unethical demand to get lost documents. There is lack of policy clarity means how many years ITR document needs to be kept by tax payer. normally it should not be more than 5 years. also, there is missing penalty clause on income tax department for unwanted harassment by putting unethical demand to get the clarification.

Pan and AADHAR are linked everywhere we are giving PAN and Aadhar every place then why income tax department not able to get the information – is this the incapability of income tax department or TRACES/CBDT / Department of revenue?

It is clear cut case of harassment by income tax department to innocent tax payers. Simply correction and closing this issue will not work.

Looking for Financial penalty and disciplinary action against Income tax office and officers for unethical practice for this harassment.

If income tax department have inter departmental interlinking issue. they need to send letter to NPS or Trace or employer  

5 question regarding above mention issue


1. I have NPS payment deposited receipt of 50000/- even I have paid service tax also on the same. NPS has my Pan Number and Aadhar number link with NPS account screen short already attached if they have not shared the information of deposited to get the tax deposit benefit under section 80CCD (1B) NPS Contribution to Income tax department or TRACE. Why does income tax department (CBDT)/ Department of revenue has not issue notice to NPS department for main cause of this mismatch or harassment of innocent tax payer. It is story of so many tax payers.

2. TAX payers always putting form 26 AS in front during filling tax return, TRACE has 100% responsibility to reflect in form 26AS for any profit gain and loss from any source any FD / income from any source interest gain from bank/House Rent/ House loan / NPS Contribution……etc. if TRACE Fail to full fill the requirement. Why does income tax department (CBDT)/ Department of revenue has not issue notice to TRACE department for main cause of this mismatch or harassment of innocent tax payer.

3. My NPS is corporate account. if employer not showing amount in form 16. Why does income tax department (CBDT)/ Department of revenue has not issue notice to Employer for this mismatch or harassment of innocent tax payer.

4. Even if public donating to Prime minster relief fund (PMRF) and taking tax benefit under 80G and employer not showing in form 16 and public mentioning in return CBDT or income tax department should not send letter of mismatch. it is 100% mistake of CBDT or incapability of their system or failure of their system which is not reflecting properly all things and disciplinary action should have to be taken on CBDT & officers who is sending blindly letter to innocent tax payer for their incapability.


5. We can imagine government in improving their system and making new changes. so, question here is . why does CBDT / Income tax dept. has not provided option to upload any other related document which is not in form 16 and contributed for saving or donation or any self-insurance supporting during filling ITR. it shows clear cut CBDT incapability of handling public tax system. Which is damaging image of current government governance model and transparency.

 सारे  सपोर्टिंग  स्क्रीन शार्ट दे दिए  तो भी  सरकारी डिपार्टमेंट कहा अपनी गलती मानते है।  शायद  सब जगह वो सुप्रीम  कोर्ट को ही लाना चाहते है।  तभी  वो पालिसी बनायेगे  और  गलती करने वाली विभाग को दण्डित करेंगे।


PMOPG/E/2017/0488581: CBDT Reply - Dear Sir/Madam, As seen from CPC portal for AY 2017 - 18, the return filed by the taxpayer contains an error / incorrect claims / inconsistencies with the data available in quot;Form 16quot;. Hence, intimation on the same has been sent to taxpayer39;s registered email id. Taxpayer has responded to the intimation and currently CPC is being analysed to see if it falls within the ambit of the probable resolution provided. Further communication will be sent, after the analysis is completed.

CBODT/E/2017/15745 Reply by CBDT is not acceptable no CBDT accountability shown in reply by CBDT for harassment faced by me for unethical demand due to lack of incapability of data interlinking of deduction shown in return form. clarification needed for ground level action taken by CBDT so that in future no innocent taxpayer will be harassed due to lack of department data interlinking . also looking for penalty clause for the same on CBDT for this harassment. In absence of reasonable answer may Force us to file PIL in court.

Reply Received from CBDT
The advice given is understandable and well taken. The Department is in continuous process of evolving its existing systems and processes.

PMOPG/E/2017/0406069
Extremely poor response Income tax dept.  giving sweet English reply to hide their incapability and running away to take the responsibility of harassment of income taxpayer done by them 

Reply received from Income tax dept. CBDT
Dear Sir/Madam, As seen from CPC portal for AY 2017 - 18, the return filed by the taxpayer contains an error / incorrect claims / inconsistencies with the data available in quot;Form 16quot;. Hence, intimation on the same has been sent to taxpayer39;s registered email id. Taxpayer has responded to the intimation and currently CPC is being analysed to see if it falls within the ambit of the probable resolution provided. Further communication will be sent, after the analysis is completed.

Thursday, August 3, 2017

Why SC’s move to limit Aadhaar usage- Mandatory Aadhaar linking with Voter Identity Cards to stop Bogus Voting - Need of nation

Mandatory Aadhaar linking with Voter Identity Cards  to stop Bogus Voting 
Kind Attention Election Commission


Duplicity and stopping unethical practice at in election voting. Aadhaar linking need to be mandatory to stop Bogus Voter Identity Cards The Election Commission need to take initiative in this area.


Revaluation idea- Aadhaar biometrics Linking with Voter Machine can brings lots of Transparency in India and save lots of government money

References


Election Commission not to link poll rolls to Aadhaar


NEW DELHI: The Election Commission has suspended its five-month-old project to clean the electoral rolls by linking and authenticating voter I-card details with Aadhaar data, days after the Supreme Court ruled that the unique identification number could be used only for PDS and LPG distribution schemes.

Linking Aadhar with voter ID card will remove duplicacy in voter list: CEC H S Brahma


EC awaits Supreme Court nod to resume linking of Aadhaar with voter cards


On February 27, 2015, the Election Commission issued guidelines for linking EPIC with Aadhaar as part of the National Electoral Rolls Purification and Authentication Programme (NERPAP). It launched the programme on March 3.
One of the major objectives of NERPAP was to check multiple entries in electoral rolls and to make them error-free. For this purpose, Aadhaar number of electors was collected through various modes throughout the country.
SUPREME COURT ORDER ON AADHAAR
But a Supreme Court order dated August 11, 2015 put paid to EC's ambitious plan to link Aadhaar to voters' I-card. While delivering judgment in a writ petition [Justice (retd) KS Puttaswamy and another versus Union of India and others), the apex court ordered stopping of the production of Aadhaar card as a condition for obtaining any benefits.
In the light of this order, EC suspended the linking of Aadhaar with EPIC with immediate effect.
But by then, EC had already collected and linked the Aadhaar cards of about 31 crore voters.

SC declares right to privacy as fundamental right under the Constitution. 

Saturday, July 29, 2017

Job Layoff all Sector - Indian Job आयकर विभाग कमाई होने पर लगता है टैक्स। तो नैतिकता के आधार पर जॉब न होने की कंडीशन में हर महीने महगाई भत्ता भी देना सरकार की जिम्मेदारी है ।

हमें सरकार  को टैक्स क्यों देना चाहिए। 


Letter Reference: PMOPG/E/2017/0411407

Reply from CBDT

The issue raised in your grievance pertains to Policy matter. Your grievance is being forwarded to JS, TPL-I, RNO: 148-A, Ministry of Finance, Dept of Revenue, North Block, New Delhi -110001, Tel: 011-23092988, for further necessary action.
What Court Says

Refuse to pay taxes if govt doesn't curb 'hydra-headed' corruption: Bombay HC

http://www.dnaindia.com/india/report-don-t-pay-taxes-unless-government-curbs-hydra-headed-corruption-bombay-high-court-2173410

सरकार  की मंशा  और नैतिकता पे प्रश्न उठ रहे है। 

आयकर विभाग कमाई होने पर लगता है टैक्स। तो नैतिकता के आधार पर जॉब न होने की कंडीशन में हर महीने मिनिमम 10000 रुपये महगाई भत्ता भी देना  सरकार  की जिम्मेदारी है  । 


विभिन्न companies से lay off किये कर्मचारी कोर्ट में petition डाले  या फिर जंतर मंतर पर  बैठे क्या करे  आम जनता।  सरकार  को जिम्मेदारी लेनी होगी। 


जब हमारे अच्छे दिनों में सरकार  इनकम टैक्स लगाकर भगीदारी चाहती है  तो हमारे बुरे दिनों ने भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को महगाई भत्ता देना होगा।



 Jobless ग्रोथ के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकार जिमेदार है। अगर 3 इयर्स  इनकमे टैक्स दिया है तो जाबलेस ग्रोथ की situation में महगाई भत्ता भी देना पड़ेगा। अगर सरकार पॉलिसी बना कर coruption रोके ओर जाबलेस ग्रोथ में income tax deptartment महगाई भाता दे। 

प्रॉपर पालिसी न होने पर बेरोजगार हुए लाखो  कर्मचारी जनांदोलन कर सकते है। और  बाक़ी जनता टैक्स देना बाद कर सकती है।

क्या जनांदोलन यही सलूशन है  जनता कुछ ग्राउंड लेवल सलूशन चाहती है। ताकि हम आम जनता का विश्वास सरकार  पर  बना रहे। 

माननीय  मोदी जी से अनुरोध सहयोग के लिए जनता पालिसी लेवल सपोर्ट चाहती हैं। 

अन्ना hajare जी से अनुरोध सहयोग के लिए।

सभी जनता से अनुरोध अगर वो सहमत  है  तो प्लीज कमेंट करे पोस्ट पर  ताकि  आम जनता की आवाज सरकार  तक पहुंचे।


Hands out pink slips to hundreds






After Wipro, Cognizant and Infosys, Tech Mahindra plans to lay off 1500 employees

http://indianexpress.com/article/business/companies/it-sackings-fite-vows-to-fight-layoffs-to-approach-government-4650292/


Job Crisis: IT Layoffs Affect Banking And Tourism In India


7 top IT firms to lay off 56,000 this year


Layoffs rile India's flagship IT sector 



The employee was asked to quit on a day’s notice. Tech Mahindra


Surging layoffs plunge techies into depression

Layoffs must be humane, say company CEOs



Foxconn puts a fourth of its India workers on bench


Leading local players including Intex, Lava and Karbonn are planning to lay off or bench 10-40% of their workforce, as they cut production to control inventory pile-ups in retail channels 





IT sector to lay off employees in numbers not seen before


Leading IT company admitted that this time it would not be easy for IT professionals to find another job.
Top tier firms including Infosys and Cognizant are either letting go of employees, deferring salary hikes or trimming the variable part of compensation.


Tuesday, July 11, 2017

How can government influence the situation of Jobless growth in India and solution of china unfair border disputes issue.-anti-dumping duty

जॉब लेस्स ग्रोथ, इंडिया इकॉनमी को बूस्ट, चीन का भारत में इंटरफेयर ,

Reference: 
PMOPG/E/2017/0379516- जॉब लेस्स ग्रोथ, इंडिया इकॉनमी को बूस्ट, चीन का भारत में इंटरफेयर

Observation

नागपुर मेट्रो के लिए 851 करोड़ रुपए का ठेका चीन की कंपनी को मिला वह भी देश की सरकारी कंपनी से छीनकर। 
और हम दीवाली की झालर बायकाट करके चीन से जंग लड़ रहे हैं 
http://www.business-standard.com/article/economy-policy/china-railway-rolling-stock-corp-bags-rs-851-cr-nagpur-metro-contract-116101500600_1.html

  • when India’s GDP was still growing at an average 8.5%, the organised sector was producing on average 9.5 lakh new jobs every year. Bear in mind, even this was seen relatively as ‘jobless growth’. In the last two years, 2015 and 2016, the average employment generation has plummeted to less than 2 lakh jobs a year. This is less than 25% of the annual employment generated before 2011.
  • In 2015, when fresh employment generated in these 8 sectors collapsed to an all time low of 1.5 lakh jobs, the government was so alarmed by the development 
  • IT and BPO. These two sectors alone employ about 4 million people today and the industry’s own estimate is upto 60% of this workforce will not be of any use with their present skill levels. Says Nasscom president R. Chandrashekhar,

Challenges: 


Proposed solution

  • Made in China समान पर 500% Import डुएटी लगाई जाए। 
  • और  Make in India समान पर 50% टैक्स छूट दी जाए। 


Public reference and comment

वर्ष - 1962,
भारत-चीन युद्ध

==चीन==
सैनिक - 80,000
शहीद - 722
घायल - 1697

==भारत==
सैनिक - 10,000 से 12,000
शहीद - 1383
घायल - 1047
लापता - 1696
बंदी - 3968

परिणाम - भारत, चीन से हार गया…!

चीन अभी तक सुधरा भी नहीं है।
लेकिन हमे क्या ?? 53 साल पहले की बात भूल कर हम तो चीनी सामान खरीदेंगे....उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे !! सैनिक तो होते ही मरने के लिए है !!
नेता बोल देते है.....हमारा व्यवहार बोलता है !!

मर जाएंगे क्या हम बिना चीनी सामान के ??
अगर नहीं.....तो याद उन्हे भी कर लो.....जो लौट के घर ना आए…!!

और सीखो जापान जैसे देशो से……
काफी समय पहले की बात है अमेरिका और जापान में आपसी व्यापार बिलकुल न के बराबर था।
अमेरिका ने काफी जोर देकर जापान की सरकार से कहा की जो आपके यहाँ संतरा (orange) होता है
हम उससे काफी सस्ता और दिखने में अच्छा संतरा आपको दे सकते है।

जापान की सरकार ने अमरीका के दबाव की वजह से आर्डर दे दिया।
जब वो संतरा जापान के बाज़ारों में बिकने के लिए पहुंचा

(आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि जापानी संतरा खाने में कड़वा होता था और जो अमेरिका वाला संतरा था वो खाने में अच्छा भी था। )

तो जब वो अमरीका वाला संतरा जापानी बाज़ारों में आया तो किसी ने नहीं खरीदा।

पता है क्यों नहीं खरीदा…!!
जापानी लोगो ने कहा कि चाहे मेरे देश का संतरा कड़वा और महंगा है।
पर है तो हमारे देश का ही।
हम इसे ही खरीदेंगे।
तो वो बाकी का करोड़ो रूपये का संतरा सरकार के पास पडा पड़ा ही सड गया

तो ये होती है राष्ट्रभक्ति मेरे भाइयो…!!

कुछ सीखो छोटी आँख वाले जापानियों से
हमारी तो आँखे भी बड़ी है और दिल भी…!!
कृपया करके इस पोस्ट को शेयर करे …!!!

🌍दुनिया में सबसे powerfull फ़ौज सोवियत संघ 🇭🇰के पास थी , जिसका खर्चा वह भारत🇮🇳 जैसे देशो को मनमाने दाम पर हथियार बेच कर उठाता था , परन्तु जब अमेरिका 🇬🇧और फ़्रांस🇦🇺 उससे बहुत कम कीमत में उनसे अच्छा हथियार बेचने लगे तो सोवियत 🇭🇰का बाजार टूट गया और ९० के दशक आते आते वह अपने सेना का खर्च उठाने में असमर्थ हो गया परिणाम स्वरुप उसे अपने आधीन राष्ट्रों को आजादी देनी पड़ी इस प्रकार सोवियत संघ🇭🇰 का पतन हो गया ।
चीन 🇨🇳के पास भी बहुत बड़ी सेना है, और उसे भी अपने सैनिको का खर्च उठाने के लिए अपना सामान अन्य देशो के बाजार में भेजना पड़ रहा है और यहाँ तक उसे अपने कैदियों के अंगो को भी बेच कर पैसा कमाना पड़ रहा है ।
लगभग रोज चीन 🇨🇳भारतीय सीमा 🇮🇳में घुस आता है, परन्तु वह वियतनाम युद्ध 🚀के बाद इस स्थिति में नहीं है की कोई बड़ी लड़ाई 🚀लड़ सके, यदि चीन 🇨🇳को बिना एक गोली चलाये सबक सिखाना है तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि हर भारतीय 🇮🇳चीनी 🇨🇳सामानों का बहिष्कार करें, क्योकि दुनिया का सबसे बड़ा बाजार भारत 🇮🇳है ,कोई भी देश से यदि इतना  बड़ा बाजार छिन जाये तो उसका आधा पतन ऐसे ही हो जाएगा.
मै हर भारतीय 🇮🇳से अनुरोध 👏करता हूँ कि वह चीनी 🇨🇳सामान लेना बंद कर दें...!!

नागपुर मेट्रो के लिए 851 करोड़ रुपए का ठेका चीन की कंपनी को मिला वह भी देश की सरकारी कंपनी से छीनकर। 
और हम दीवाली की झालर बायकाट करके चीन से जंग लड़ रहे हैं 
http://www.business-standard.com/article/economy-policy/china-railway-rolling-stock-corp-bags-rs-851-cr-nagpur-metro-contract-116101500600_1.html

Government Initiatives

Anti-dumping duty on 93 products from China: Nirmala Sitharaman http://economictimes.indiatimes.com/news/economy/foreign-trade/anti-dumping-duty-on-93-products-from-china-nirmala-sitharaman/articleshow/59987973.cms?utm_source=WAPusers&utm_medium=whatsappshare&utm_campaign=socialsharebutton&from=mdr

Anti-dumping duty likely on import of a chemical from China



Government imposes anti-dumping duty on Chinese ceramic items

Friday, July 7, 2017

Misuse of ambulance by hospital can be Stopped by linking with uber ola services and aadhar

Misuse of ambulance by hospital 

This kind of misuse can be stopped by linking with #uber #ola services and aadhar

Observation

जरुरत मंद को एम्बुलेंस की सेवा  नहीं मिलती क्योकि ये तो हॉस्पिटल्स का बिज़नेस बन गया है।  


Tuesday, July 4, 2017

Aadhar enabled Digital RTO #Digital India Aadhar enabled Hypothecated removal from car RC software process Digital India

Aadhar enabled  Hypothecated removal from car  RC software process #Digital India





India First


Potential of development india

Subject:  Aadhar enable Digital RTO, One India one driving license Number – concept of e-Authority

Aadhar Number= driving license number
Aadhar enabled Hypothecated removal from car RC software process #Digital India   

Reference: 

PMOPG/E/2017/0367971 – Aadhar enabled Digital RTO

Response: RT Wing MVL Section:

Dear Sh Bhatia We thank you for your valuable thinking and suggestions and highlighting them to us. Your suggestions have been noted. We have already moved amendments in MV ACT and hope would redress the issues raised.
Thank you
Jai Hind

Key issue and observation in current process


    • Harassment of Vehicle owner /loan taker
    • Even after clear the loan Hypothecated is extra and unnecessary step 
    • scope of corruption at RTO as well as bank. 
    • Responsibility of bank also need to define 
    • Online process will bring lots of transparency 
    • Prevalent wrong doings, remove loophole 
    • Plug the hole so that the misuse can be put to an end 
    • Scope of corruption- an applicant will have to visit the transport offices to get a hard copy of the document once all the necessary requirements such as filing of application and payment of fees are done.

    Reference:

    One crore vehicles are registered in the national capital and around seven lakh others are registered every year. All over India wide this figure will be quite bigger.

    Suggestion/ Solution

    Suggestion inputs for Centralized software – UIDAI / Aadhar/Income tax dept./ Ministry of finance/ Department of revenue/RTO

    Aadhar enabled Digital RTO services must contain-        No physical document required due to Aadhar E-KYC validation-        Online form filling so no scope of spelling mistake.-        2 Emergency contact mobile number must be mandatory mentioning on driving license so that in case of any accident or emergency people can call the number mention in driving license-        2 Emergency contact mobile number must be mandatory mentioning car/ Bike / any vehicle for emergency safety of driver.-        Online application and Aadhar base e verification or E-KYC need not to come to RTO office-        Online driving license application, online exam and Aadhar base address and id verification e validation-        Online Address updating, transfer of vehicle RTO, renewal of license and registration-        online Payment of road tax and-        online payment /fees/ fitness fees, through UPI /BHIM/ Paytm/ mobilewiki/ net banking , bill desk…….-        online allotment of fancy registration numbers,-        online change of address in the registration certificate (RC) of a vehicle-        online deletion in vehicle registration.-        Driving license should be issue nation wise not like UP / MP…..-        no human interface at the department's offices.
    -        People do not have to visit the regional transport offices (RTO), need of a move intended to "eradicate corruption"

    Recommendation

    • There should be automatic removal of Hypothecated  from car  RC after  Expiry of loan duration
    • Penalty clause for bank as well as authority also need to define. if within month they are not informing and clear the process of removal of bank or financial institution name after clear the loan 
    • Banks are not returning the duplicate key even after clear the loan.then penality need to impose by Government body 

    RTO services must contain barcode, QR code, electronic Chip


    Aadhar linking to stop duplicate of base data. Transparency in traffic police challan Aadhar enabled challan system bring maximum data of vehicle owner and no more fake challan or public harassment  in the name of fake cause. 






    Benefit to Public & Government of India

    1.  Online Aadhar enable e verification and application process reduce the harassment of public
    2. Save lots of government effort
    3.  Public get transparent system
    4. All license and all RTO work are digitalized and Aadhar enable e validation process bring lots of transparency
    5. Reduce ID and address documentation
    6. Reduce scope of black money and corrupt practice involvement
    7. Aadhar linking with RC , driving license and vehicle registration reduce scope of changing address again and again
    8. Reduce paperwork
    9. Public will get corruption free/dalal free environment
    10. Reduce government expense as less number of people needed in digital RTO , RTO call center or background team faster the process,

    Revenue Generation for Government body
    Fees to Hosting Body: 

    ·        Maximum Rs1/-  charges for Aadhar enable service from this software each transaction.
    Estimated earning for Hosting government body like income tax / UIDAI. for this service, Approximate 500+ cr. In years

    Current Process and scope of Corruption Information




    It is important to transfer ownership of the car from the bank’s name to your name. This process is called removal of hypothecation.

    Now what is important is to ensure that you receive two documents from the bank when you close down your car loan :

    1. a No Dues or No Objection certificate from the bank which essentially means that the bank has no objection to removing the hypothecation.

    2. 2 copies of Form 35 which will mention the termination of the hypothecation agreement between you and the bank.

    You need to collect the following documents and then go to the RTO.

    1. Original Bank NOC

    2. Original RC

    3. Original Form 35 (2 copies duly signed by the bank and registered owner)

    4. Copy of valid insurance – attested

    5. Copy of valid PUC (Pollution Under Control) certificate – attested

    6. Copy of PAN Card – attested

    7. Copy of Address Proof – attested

    8. And if you current address is different form the one in RC, you also need Form 33

    One thing which people do not notice in car loan is the different rules in states. If you have change your address then in Delhi you need to inform RTO within 15 days otherwise you pay a penalty of Rs 100 p.m. from the date of change of address to the date you apply for removing hypothecation. This i got to know from my relative car which is registered in Delhi but they changed address in between. Now they have to Pay Rs 3000 for this process due to the rule above.


    Fees Note 2: Where the certificate of registration issued is in the form of any Smart Card Type, an additional fee of Rupees Two Hundred shall be charged except in the case of issue of fresh certificate of registration after cancellation of hire purchase or lease or hypothecation agreement.




    It is best to get the hypothecation removed when it is time to do so.

    Not getting it done means the insurance money will not go to you but to the bank because of the hypothecation not being removed, in case of any accident. Once the registration is clear and in your name, without an HP, the insurance HP reference will have to be removed as well. Both these things are relatively painless.

    (a duplicate key is always under the custody of the Financier/Bank - remember to collect the same when getting the NOC).






    Thursday, May 25, 2017

    क्या सरकार अपनी प्रोफिटेबिलिटी से ऊपर उठकर आम जनता के बारे में सोचेगी। GST कही धोखा तो नहीं

    US  has 6% to 8 % tax on goods and India has 5% to 28% GST
    Sorive can cial DUpward India Happiness Index- US  has 6% to 8 % tax on goods and India has 5% to 28% GST .

    क्या सरकार  अपनी प्रोफिटेबिलिटी से ऊपर उठकर आम  जनता के बारे में सोचेगी। 

    All over India only single flat Tax Should be implemented (included all kind of taxes- Incometax, Goods and services) and it should not be more than 5% in all


    liquidity in market can increase Indian economy up

    All people , companies, shopkeeper, trust , Religious Trust , NGO's  any kind of business should have to spend 70% of their earning in next financial year  in to Indian market for social drives , constructing indian economy or otherwise flat  5% tax should be lie on that .  only people whose income are less than 5 Lakhs need to assumption .

    Benefit : 

    1. Indian Economy will boost 
    2. No black Money 
    3. People learn how to live
    4. Happiness Index will increase.







    Social Drive like

    1.   Scholarship to engineering, Medical students (Rs. 25000/- to Rs. 50000/- each Student per year)
    2. Scholarship for school going student (Rs. 500/-to 1000/- Per month)
    3. Scholarship for intelligent student – Rs. 50000/- one time Scholarship)
    4.  Adopting a government school and contribute in school Infrastructure development support. (10 lakhs per school).
    5. Free book library development for students in schools, colleges, professional institutes like engineering, medical, CA, Law etc.
    6. Culture of adopting a government school and contribute in school Infrastructure development support.
    7. Social responsibility towards senior citizen, support help 2000/- per month/per person) directly bank transfer provision thru NEFT.
    8. Voluntary support for such social activities.



    Promoting Social Drive from Religious institutions

    Reference: https://youtu.be/t82NN62gUqM
    Danik bhaskar.com

    Suggestion: Promoting Social Responsibility of all religious in India

    To make more accountable all religious places.

    1. All religious Places should be maintained by a trust and minimum 7 members should be there in the trust.

    2. All religious places should have bank account and all the money donated should be deposited in bank account on daily / weekly bases to increase accountability.

    3. All religious places should have clear social responsibility. They must spend at least 20 to 30 % of funds collected in last financial year on social responsibilities.

    4. All religious places should compulsorily utilize / consume 70% of the donated funds within next 1 financial year. If unused funds still remain, they must be utilized 100% on social responsibilities (Like Making schools, Libraries, Hospitals, Rehabilitation, Scholarships for the needy etc. )

    5. All religious places should run small medical support activity to help poor, like Charitable homeopathic clinic , Charitable ayurvedic clinic, Every week visit of some specialist doctor—eyes, ears , bones etc.

    6. All financial transactions for any of the above activities must be in the form of account transfers only.

    7. Maintaining and declare financial account on web base sites like Wikipedia etc.

    Social Drive like


    1. Every week visit of some specialist doctor—eyes, ears, bones….,

    2. Small medical support activity to help poor

    3. Charitable homeopathic clinic

    4. Charitable ayurvedic clinic

    5. Support Contribution in poor girls marriage (Rs. 50000/- per marriage)

    6. Scholarship to engineering, Medical students (Rs. 25000/- to Rs. 50000/- each Student per year)

    7. Scholarship for school going student (Rs. 500/- Per month)

    8. Scholarship for intelligent student – Rs. 50000/- one time Scholarship)

    9. Adopting a government school and contribute in school Infrastructure development support. (10 lakhs per school).

    10. Free book library development for students in schools, colleges, professional institutes like engineering, medical, CA, Law etc.

    11. Social responsibility towards senior citizen, support help 2000/- per month/per person) directly bank transfer provision thru NEFT.

    12. Food camp / cloth for religious concept should be adopted daily (learn from any Gurudwara..)

    13. Promoting people for shramdan / voluntary support for such social activities.